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किसी मूक सिनेमा में बिना आवाज के ठहाकेदार हंसी कैसी दिखेगी? अभिनय करके अनुभव कीजिए।

विद्यार्थी स्वयं अभिनय करके अनुभव करें।


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मूक सिनेमा में संवाद नहीं होते, उसमें दैहिक अभिनय की प्रधानता होती है। पर जब सिनेमा बोलने लगा तो उसमें अनेक परिवर्तन हुए। उन परिवर्तनों को अभिनेता, दर्शक और कुछ तकनीकी दृष्टि से पाठ का आधार लेकर खोजें, साथ ही अपनी कल्पना का भी सहयोग लें।

2

डब फिल्म’ किसे कहते हैं? कभी कभी डब फिल्मों में अभिनेता के मुंह खोलने और आवाज में अंतर आ जाता है। इसका कारण क्या हो सकता है?

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मूक फिल्म देखने का एक उपाय यह है कि आप टेलीविजन की आवाज बंद करके फिल्म देखें। उसकी कहानी को समझने का प्रयास करें और अनुमान लगाएं कि फिल्म में संवाद और दृश्य की हिस्सेदारी कितनी है?

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सवाक्’ शब्द ‘वाक्’ के पहले ‘स’ लगाने से बना है। ‘स’ उपसर्ग से कई शब्द बनते हैं। निम्नलिखित शब्दों के साथ ‘स’ का उपसर्ग की भांति प्रयोग करके शब्द बनाएं और शब्दार्थ में होनेवाले परिवर्तन को बताएं:

हित, परिवार, विनय, चित्र, बल, सम्मान।