गोपालसिंह नेपाली की कविता ‘हिमालय और हम’, रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता ‘हिमालय’ तथा जयशंकर प्रसाद की कविता ‘हिमालय के आँगन में’ पढि़ए और तुलना कीजिए।
रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी कविता में हिमालय की विशालता का वर्णन किया है| इस कविता में कवि ने बताया है कि किस प्रकार भारतवासियों का हिमालय से प्राचीनकाल से ही अत्यंत घनिष्ठ संबंध है| जबकि लेखक नागार्जुन ने हिमालय का वर्णन नदियों के पिता के रूप में किया है|
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