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फास्ट फूड’ यानी तुरंत भोजन के नफ़े-नुकसान पर कक्षा में वाद-विवाद करें।

नई पीढ़ी फास्ट फूड को पारंपरिक खाने से ज्यादा पसंद कर रही है। फास्ट फूड के कई फायदे हैं तो कई नुकसान भी हैं। पहले पहले फायदे के बारे में जानते हैं.-

फास्ट फूड, नाम से ही पता चल रहा है कि ये व्यंजन कम समय में बन जाते हैं। आफिस जाने वाले पुरुष और महिला अक्सर फास्ट फूड बनाना पसंद करते हैं। इनको बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और स्वादिष्ट भी होते हैं।


अब नुकसान की बात करें तो फास्ट फूड के आने से लोग स्थानीय व्यंजनों को भूलते जा रहे हैं। फास्ट फूड सेहत के लिए लाभदायक नहीं होते हैं क्योंकि ये बहुत मसालेदार और तले भुने होते हैं। साथ ही स्थानीय भोजन की अपेक्षा काफी मंहगे भी होते हैं। लोग ज्यादा धन देकर फास्ट फूड खाते हैं और सेहत भी खराब करते हैं।


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4

पिछली शताब्दी में खानपान की बदलती हुए तस्वीर का खाका खींचे तो इस प्रकार होगा-

सन् साठ का दशक छोले भठूरे


सन् सत्तर का दशक इडली, डोसा


सन् अस्सी का दशक तिब्बती (चीनी) खाना


सन् नब्बे का दशक पीजा, पाव-भाजी


इसी प्रकार आप कुछ कपड़ों या पोशाकों की बदलती तस्वीर का खाका खींचिए।


5

मान लीजिए कि आपके घर कोई मेहमान आ रहे हैं जो आपके प्रांत का पांरपरिक भोजन करना चाहते हैं। उन्हें खिलाने के लिए घर के लोगों की मदद से एक व्यंजन-सूची (मेन्यू) बनाइए।

2

हर शहर, कस्बे में कुछ ऐसी जगहें होती हैं जो अपने किसी खास व्यंजन के लिए जानी जाती हैं। आप अपने शहर, कस्बे का नक्शा बनाकर उसमें ऐसी सभी जगहों को दर्शाइए?

3

खानपान के मामले में शुद्धता का मसला काफी पुराना है। आपने अपने अनुभव में इस तरह की मिलावट को देखा है? किसी पि़फ़ल्म या अखबारी खबर के हवाले से खानपान में होनेवाली मिलावट के नुकसानों की चर्चा कीजिए।