अपने बचपन की कोई मनमोहक घटना याद करके विस्तार से लिखो।
मैं स्कूल में हमेशा टॉप करती थी। बच्चों के बीच मेरी अलग ही पॉपुलैरिटी थी। हर कोई मुझसे बात करना चाहता था क्योंकि मैं सभी टीचरों की फेवरेट थी। अक्सर लोगों को मैंने यह कहते हुए सुना था कि घमंड कभी भी नहीं करना चाहिए। यह बात मेरे मन में ऐसी बैठी थी कि मैंने कभी भी अपने क्लास के कमजोर बच्चों के साथ बुरा बर्ताव नहीं किया। सबसे अच्छे से बात करती थी और उनकी मदद भी करती थी। टीचरों को लगता था कि मैं बिल्कुल भी शैतानी नहीं करती लेकिन असल में मैं क्लास में सबसे ज्यादा शैतानी करती थी। क्लॉस में कैमरे लगे हुए थे ताकि कोई भी एक्टिविटी हो तो प्रिंसिपल और उनके बेटे को इसकी भनक तुरंत लग जाए। मैं क्लास में शैतानी तो करती थी लेकिन ऐसे कि पकड़ में न आ पाऊं। दोस्तों के साथ मस्ती-मस्ती में कैमरे पर रुमाल फेंक देना उसके बाद जो शोर मचाना कि प्रिंसिपल तक आ जाती थी। खास बात यह थी कि हमारे क्लास में एकता बहुत थी। पढ़ाई में भले न हो लेकिन एक दूसरे का नाम कोई भी नाम लेकर शिकायत नहीं करता था। शोर सब मचाते थे और सजा भी सबको मिलती थी। प्रिंसिपल का सबको बेंच पर खड़ा कर देना और हम लोगों का अपने आप से बैठ जाना। यह वाक्या आज भी याद आता है तो चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
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