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अगर तुम्हें अपनी पोशाक बनाने को कहा जाए तो कैसी पोशाक बनाओगे और पोशाक बनाते समय किन बातों का ध्यान रखोगे? अपनी कल्पना से पोशाक का डिशाइन बनाओ।

फ्रॉक बनाते समय में सबसे पहले तो कपड़े का चुनाव करूंगी। इस बात का ध्यान रखेंगे कि गर्मी का मौसम है तो सूती कपड़ा ही लें। यह गर्मी में आरामदायक होगा।

फ्रॉक बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें-


(1) सबसे पहले जिसके साइज की फ्रॉक बनानी है उसका नाप लेंगे।


(2) जिस रंग का कपड़ा है उसी रंग की रील सिलाई मशीन में लगाएंगे।


(3) सिलाई करते समय काम आने वाली सभी चीजें जैसे- कैंची, इंची टेप, चॉक आदि को अपने पास रख लेंगे।


(4) अगर नाप का कपड़ा हो तो बहुत ही अच्छा है।


(5) नाप लेते वक्त सिलाई के लिए दबने वाले कपड़े को जोड़कर थोड़ा ज्यादा कपड़ा लेंगे।


(6) गले और आस्तीन का कपड़ा काटते वक्त ध्यानपूर्वक काम करें।


(7) कागज पर डिजाइन ड्रॉफ्ट कर लें तो अच्छा होगा।


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1

चार दिन, कुछ व्यक्ति, एक लीटर दूध आदि शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दो तो पता चलेगा कि इनमें चार, कुछ और एक लीटर शब्द से संख्या या प्रमाण का आभास होता है, क्योंकि ये संख्यावाचक विशेषण हैं। इसमें भी चार दिन से निश्चित

संख्या का बोध होता है, इसलिए इसको निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं और कुछ व्यक्ति से अनिश्चित संख्या का बोध होने से इसे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। इसी प्रकार एक लीटर दूध से परिमाण का बोध होता है इसलिए इसे प्रमाणवाचक विशेषण कहते हैं।


अब तुम नीचे लिखे वाक्यों को पढ़ो और उनके सामने विशेषण के भेदों को लिखो:


(क) मुझे दो दर्जन केले चाहिए।


(ख) दो किलो अनाज दे दो।


(ग) कुछ बच्चे आ रहे हैं।


(घ) सभी लोग हँस रहे थे।


(ड.) तुम्हारा नाम बहुत सुंदर है।


3

कपड़ों में मेरी दिलचस्पियाँ मेरी मौसी जानती थीं। इस वाक्य में रेखांकित शब्द दिलचस्पियाँ और मौसी संज्ञाओं की विशेषता बता रहे हैं, इसलिए ये सार्वनामिक विशेषण हैं। सर्वनाम कभी-कभी विशेषण का काम भी करते हैं। पाठ में से ऐसे पाँच उदाहरण छाँटकर लिखो।

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तीन-तीन के समूह में अपने साथियों के साथ कपड़ों के नमूने इकट्ठा करके कक्षा में बताओ। इन नमूनों को छूकर देखो और अंतर महसूस करो। यह भी पता करो कि कौन-सा कपड़ा किस मौसम में पहनने के लिए अनुकूल है।

3

हथकरघा और मिल के कपड़े बनाने के तरीकों के बारे में पता करो। संभव हो तो किसी कपड़े के कारखाने में जाकर भी जानकारी इकट्ठी करो।