दुलारी का टुन्नू से पहली बार परिचय कहाँ और किस रूप में हुआ?
टुन्नू और दुलारी का परिचय भादों मास में तीज के अवसर पर खोजवाँ बाजार में आयोजित कजली दंगल के दौरान हुआ था| यहाँ दुलारी एवं टुन्न दोनों गाने के लिए आये हुए थे| दुलारी खोजवाँ वालों की तरफ थी जबकि टुन्नू कजरदीहा वालों की ओर था| दुलारी की दुक्कड़ पर गाने वालियों में कुछ ख़ास ही ख्याति थी| उसने काव्य मे सवाल-जवाब करने मे महारत हासिल की थी और इसीलिये खोजवाँ वाले दुलारी के अपने पक्ष में होने के कारण अपनी जीत के प्रति आश्वस्त थे| इसी कजली दंगल के दौरान दुलारी एवं टुन्नू का सामना हुआ एवं उनका परिचय हो गया|
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