Q1 of 16 Page 14

परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए?

प्रस्तुत काव्य रचना गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा लिखे गये रामचरितमानस के बालकाण्ड से ली गयी है| सीता स्वयंवर में राम द्वारा शिव धनुष तोड़ दिये जाने पर परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने कई तर्क दिये। उन्होंने परशुराम से इस बारे में कहा की श्री राम ने आजतक खेल-खेल में कई धनुष तोड़े हैं। वे सारे धनुष कमजोर थे। किसी ने तो आजतक उन धनुषों के टूटने पर इस बारे में श्रीराम से या मुझसे पूछताछ नहीं की। उन्होंने आगे परशुराम से कहा कि जिस धनुष के टूटने की अभी आप बात कर रहें हैं वह धनुष भी काफी कमजोर था। ऐसा प्रतीत हो ही रहा था कि धनुष एक झटके में टूट जाएगा क्योंकि यह धनुष काफी पुराना लग रहा था और यह काफी जर्जर भी हो चुका था। इसमें कौन सी ऐसी अचरज की बात है कि यह श्री राम के हाथ लगाने मात्र से टूट गया।


More from this chapter

All 16 →
2

परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।

3

लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।

4

परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए-

बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वहिदित श्रत्रियकुल द्रोही।।


भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।


सहसबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।।


मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर।


गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर।।

5

लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?