पाठ के आधार पर तुलसी के भाषा सौंदर्य पर दस पंक्तियाँ लिखिए।
तुलसी का भाषा सौंदर्य अनुपम है। कहने का अर्थ है तुलसी ने अवधी भाषा में प्रस्तुत रचना ‘राम-लक्ष्मण -परशुराम संवाद’ में अनूठे भाव से अपनी बात कही है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित प्रस्तुत रचना के स्रोत रामचरितमानस जैसे महाकाव्य जैसे काव्य का कोई उदाहरण हमें अन्यत्र कहीं नहीं मिलता है। प्रस्तुत रचना में इनकी भाषा को आम लोग भी पढ़ कर इसमें निहित भाव को आसानी से समझ सकते हैं| पूरी पंक्ति या पूर्ण दोहे को पढ़ने के बाद हमें इसका अर्थ समझ में आ जाता है। उदाहरण के तौर पर हम पद्यांश के अन्तर्गत आने वाले परशुराम के अपने को बाल ब्रह्मचारी बतलाने वाले प्रसंग को पढ़ने पर आसानी से समझ जाते हैं। एक अन्य प्रसंग में लक्ष्मण द्वारा परशुरामजी को अभिमानी बताना भी पाठक सरलता से समझ सकता है| इस प्रकार पाठकों के लिए यह पाठ आसान बन पड़ा है। इन सबका श्रेय तुलसी के अवधी भाषा में सरल लेखन को जाता है।
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