कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है, जैसे कठिन यथार्थ। कविता में आए ऐसे अन्य उदाहरण छाँटकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इससे शब्दों के अर्थ में क्या विशिष्टता पैदा हुई?
जिस प्रकार अलंकारों के प्रयोग से काव्य में सुंदरता आ जाती है, उसी प्रकार विशेषणों के प्रयोग से शब्द के यथार्थ अर्थ में विशिष्टता और गंभीरता आ जाती है। ऐसे शब्द कविता में कई स्थानों पर प्रयुक्त हुए हैं। जैसे-
(क) दुख-दूना - यहाँ दुख-दूना में 'दूना' शब्द के द्वारा, जो कि विशेषण है, दुख की प्रबलता को व्यक्त किया गया है।
(ख) सुरंग-सुधियाँ - यहाँ ‘सुरंग’ विशेषण शब्द मधुर- स्मृतियों को और अधिक मधुर बनाने के संदर्भ मेंप्र युक्त हुआ है।
(ग) जीवित क्षण - ‘जीवित’ विशेषण शब्द जीवन के प्रत्येक क्षण में जीवंतता प्रदान करता है।
(घ) रात-कृष्णा - ‘कृष्णा’ विशेषण शब्द रात के अंधकार में गहनता प्रदान करता है।
(ड़) दुविधा-हत साहस - ‘दुविधा-हत’ विशेषण मलिन हुए साहस को अधिक हतप्रभ कर देता है।
(च) रस बसंत - यहां 'रस' विशेषण शब्द बसंत को और अधिक मनमोहक, रसीला और मधुर बना रहा है।
(छ) शरद रात - यहां 'शरद' विशेषण शब्द रात की रंगीनी और मोहकता को उजागर कर रहा है।
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