‘जीवन में हैं सुरंग सुधियाँ सुहावनी’से कवि का अभिप्राय जीवन की मधुर स्मृतियाँ से है। आपने अपने जीवन की कौन-कौन सी स्मृतियाँ संजो रखी हैं?
हर किसी के जीवन में कई मधुर स्मृतियाँ होती है। उदाहरण के लिए मै अपने बचपन के उन दिनों को याद करता हूँ जब मै अपनी कक्षा में हमेशा प्रथम या द्वितीय स्थान प्राप्त किया करता था। जीवन में घटित कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जो बरबस स्मृति-पटल में कौंधती रहती हैं। दिन तो बीत जाते हैं, किंतु घटनाएँ अपने अस्तित्व को हमेशा बनाए रखती हैं। फूल के मुरझा जाने पर उसकी सुगंध पर्यावरण में महकती रहती है। ऐसी घटनाएँ भी होती हैं जो पीछा नहीं छोड़ती हैं और कुछ ऐसी सुखद घटनाएँ होती हैं जिनका चित्रण बार-बार करते हैं और उनके चित्रण में आनंदानुभूति होती है।
प्राथमिक विद्यालय स्तर पर खेले जाने वाले खेल, अभिभावक-सम्मलेन, शिशु-शिविर, स्वच्छंद घूमना, घर लौटने पर पिताजी की अप्रत्याशित फटकार, ये सब कुछ ऐसी यादें हैं जिन्हे भुलाया नहीं जा सकता। वर्षा ऋतु में छोटी-सी नदी में नहाते समय डूबने से बचना आदि यादें सिहरन पैदा करने के साथ बचपन की यादें ताजा कर देती हैं।
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