Q3 of 9 Page 80

बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?

अपने इस विचार के द्वारा यशपाल ने नई कहानी के दौर के लेखकों पर व्यंग किया है। मेरे विचार से बिना विचार, घटना और पात्रों के कोई लेखक कहानी नहीं गढ़ सकता। यदि बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी लिखी जा सकती हैं तो उस कहानी में वह प्रभाव नहीं होगा, जो घटनाओं और पात्रों पर आधारित विचारपूर्ण कहानियों में होता है। उद्देश्य और घटना के साथ विचार भी होना चाहिए, तभी कहानी पूर्ण होती है। उस कहानी का पाठक वैसा ही महसूस करेगा जैसे खीरे को खाए बिना उसे सूँघकर ही छोड़ दिया जाए। कहानी किसी घटना का ऐसा वर्णन है जो किसी विशेष कारण की ओर संकेत करती है। घटना कैसे घटी, उसके क्या कारण थे, उसका क्या परिणाम हुआ। यह सब जानने की जिज्ञासा मन में बनी रहती है और घटना बिना कारण के नहीं होती है। इस प्रकार उस कहानी में कल्पना तत्व की ही प्रधानता रहेगी, उसमे यथार्थ का पुट नहीं होगा। कोई घटना या कथावस्तु कहानी में वास्तविकता प्रदान करने के साथ-साथ उसे आगे भी बढ़ाता है। इसीलिए यह दोनों एक अच्छे कहानी के लिए आवश्यक होता है। अतः लेखक का मानना है कि बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी नहीं लिखी जा सकती है।


More from this chapter

All 9 →