निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रस्तुत कविता में ‘दीपक’ और ‘प्रियतम’ किसके प्रतीक हैं?
छायावाद के चार स्तंभ जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और महादेवी वर्मा माने जाते हैं। इनमें महादेवी वर्मा का अपना एक अलग स्थान है। उनकी रचनाओं में हम राग-विराग का स्वर स्पष्ट रूप में प्रस्फुटित पाते हैं। उनकी कविताओं में हम रागात्मकता भी छायावादी या यूं कहें कुछ-कुछ दार्शनिक अंदाज में पाते हैं। इनकी प्रस्तुत ‘कविता ‘मधुर-मधुर मेरे दीपक जल’ में दीपक मनुष्य की ईश्वर के प्रति आस्था और आत्मा का प्रतीक है। साथ ही प्रियतम उसके आराध्य ईश्वर का प्रतीक है|
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