निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
‘विश्व-शलभ’ दीपक के साथ क्यों जल जाना चाहता हैं?
कवयित्री ने विश्व की तुलना शलभ या पतंगों से की है। यहां हम कवयित्री के स्वर में विश्वरूपी पतंगों का ईश्वर से एकाकार होने हेतु जल जाने की इच्छा पाते हैं। यहाँ विष-शलभ दीपक के समान स्वयं को जलाकर सम्पूर्ण संसार को प्रकाशमय करना चाहता है और इस लोभी,मतलबी, अज्ञानी, संसार को परोपकार की भावना से अवगत कराना चाहता है| जिस प्रकार दीपक स्वयं को जलाकर जगत को प्रकशित करता है उसी प्रकार विश्व-शलभ अपने आप को जलाकर विश्व को परोपकार की भावना से परिचित कराना चाहता है|
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