‘झेन की देन’ पाठ में जापानी लोगों को मानसिक रोग होने के क्या-क्या कारण बताए गए हैं? आप इनसे कहाँ तक सहमत हैं? तर्कसहित लिखिए।
जापानियों की सोचने की क्षमता बहुत तीव्र होती है। इसीलिए उनकी जीवन की रफ्तार भी बहुत तेज होती है। जापानी लोग एक महीने का काम एक दिन में करने की कोशिश करते हैं| इसी वजह से उनका दिमाग बहुत तेज चलता है। ज्यादा काम की वजह से ज्यादा सोचने के कारण उनके दिमाग का तनाव बढ़ जाता है और कभी-कभी काम करना भी बंद कर देता है। जापानी लोग अमरीकियों से प्रतिस्पर्धा रखते हैं| उनके जैसा या उनसे आगे निकलने के लिए भी वह अपने दिमाग को तेजी से चलाते हैं। जिससे जापान हर मामले में आगे निकल सके। इसी वजह से लेखक ने जापानियों के दिमाग में स्पीड का इंजन लगाने की बात कही है। इन्हीं सब कारणों से अधिकतर जापानी नागरिक मानसिक रोग का शिकार हो जाते हैं|
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