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सही कथन के सामने (â) का निशान लगाइए-

(क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है।


(ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए।


(ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुस्कान मेरे हौसले बढ़ाती है।


(घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ अँगूठक से इशारा करते हो?

(ख) लोग तो इत्र चुपङकर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए।(â)


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1

हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्दचित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं?

3

नीचे दी गई पंक्तियों में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए?

(क) जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर


पचीसों टोपियाँ न्यौछावर होती हैं|


(ख) तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं।
(
ग) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो?

4

पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि ‘फोटो खिचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?’ लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि ‘नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पेशाकें नहीं होंगी।’ आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं?

5

आपने यह व्यंग्य प्ढ़ा। इसे पढ़कर आपको लेखक की कौन-सी बातें आकर्षित करती हैं?