आपकी दृष्टि में वेश-भूषा के प्रति लोगों की सोच में आज क्या परिवर्तन आया है?
मेरी दृष्टि में वेश-भूषा को लेकर आज के लोगों की सोच में काफी परिवर्तन आया है। आज लोग घर से शानदार पोशाक पहनकर बाहर निकलते हैं जिससे हमें इनकी आर्थिक स्थिति का पता नहीं चलता है। कहने का अर्थ है कि कम पैसे वाले लोग भी यथासंभव अपनी बुद्धि का प्रयोग पोशाक के चयन में भी करते हैं। यह काफी हद तक अच्छी बात है। समस्या तब आती है जब विभिन्न असमानताओं से भरे हमारे देश में पहनावा हमारा स्टेटस सिंबल या कहें दिखावे की वस्तु बन जाता है। लोग दिखावे में आकर अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई फैशन के चक्कर में अपने कपड़ों पर खर्च करते हैं। अमीर का तो इसमें नाम मात्र का आर्थिक नुकसान होता है। वहीं गरीब तो बेचारा मारा ही जाता है। मध्यम आय वर्ग के लोग भी फैशन के आर्थिक बोझ के तले दब जाते हैं।
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