कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन हैं?
कविता में शरद और वसंत ऋतु का वर्णन है। इसी ऋतु में पेड़ों के पत्ते गिरने शुरू होते हैं। उनमें नई-नई कोंपलें, शाखाएं, फल-फूल आने शुरू होते हैं। आमों में मंजरियाँ और सरसों पर पीले फूल आते हैं| खेतों में फसलें- गेंहू, मटर, सेम, अलसी के फलने-फूलने का समय यही होता है। इसी समय चारों ओर फूल खिलने लगते हैं तथा उन पर रंगबिरंगी तितलियां मंडराने लगती हैं। कटहल, जामुन के मुकुलित होने, अमरूद पकने, कोयल के मदमस्त होकर मधुर गाने का यही समय है।
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