आप जहां रहते हैं उस इलाके के किसी मौसम विशेष के सौंदर्य को कविता या गद्य में वर्णित कीजिए।
मैं राजस्थान(अलवर) के एक गांव में रहता हूँ| यहाँ का मौसम सामान्य रहता है ना सर्दी में ज्यादा सर्दी और न गर्मी में ज्यादा गर्मी होती है| राजस्थान में अरावली पर्वत श्रृंखला है जिसकी ऊंचाई कम होने की वजह से मानसूनी हवाएं सीधी निकल जाती हैं| इसी करण यहाँ वर्षा कम होती है| यह सर्दियों में गेंहू, सरसों, कपास आदि फसलें उगाई जाती हैं और गर्मी में ज्वार, बजार, मक्का, मूंगफली, ग्वार आदि फसलें उगाई जाती हैं| वर्षा की कमी के करण फसलो की सिंचाई ट्यूबवेल से की जाती है। मुझे सर्दियों का मौसम तथा वसंत ऋतू अधिक पसंद है। इस समय तरह-तरह की फसलें और सब्जियां तैयार हो जाती हैं। फलों में अमरूद, केला, पपीता जैसे फल पककर तैयार होते हैं। पतझड़ में जिन पेड़ों के पत्ते गिर चुके हैं, उनमें नई-नई कोंपलें, फूल तथा फल आने शुरू हो जाते हैं। फूलों के खिलने, पक्षियों के कलरव तथा सर्दी-गर्मी कम होने से वातावरण मनोरम बन जाता है। बसंत ऋतु में गांव का दृश्य बहुत ही मनोरम होता है, जब कोयल, मोर, पपीहा अपने गान सुनाते हैं|
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