कल्लू कुम्हार का नाम उनाकोटी से किस प्रकार जुड़ गया?
उनाकोटी में पहाड़ों को काटकर विशाल आधार-मूर्तियां बनी हुई हैं। स्थानीय आदिवासियों का मानना है कि इन मूर्तियों का निर्माता कल्लू कुम्हार था। वह माता पार्वती जी का भक्त था। माता पार्वती और भगवान् शिव जी के साथ उनके निवास कैलाश पर जाना चाहता था। भगवान् शिव जी इसके लिए राज़ी नहीं थे लेकिन माता पार्वती जी के जोर देने पर वह उनको ले जाने के लिए राज़ी हो गए। इसके लिए उन्होंने कल्लू कुम्हार से एक शर्त रखी कि उसे एक रात में उनकी एक करोड़ मूर्तियां बनानी होगी। कल्लू कुम्हार इसके लिए राजी हो गया और अपने काम पर जुट गया। लेकिन जब सुबह हुई तो मूर्तियां एक करोड़ से एक कम निकली। इसलिए भगवान् शिव जी ने कल्लू कुम्हार को अपनी मूर्तियों के साथ उनाकोटी में ही छोड़ दिया और माता पार्वती जी के साथ कैलाश चले गए।
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