त्रिपरा के घरेलू उद्योगों पर प्रकाश डालते हुए अपनी जानकारी के कुछ अन्य घरेलु उद्योगों के विषय में बताइए?
त्रिपुरा में आलू की खेती मुख्य रूप से की जाती थी। इसके अलावा वहां घरेलू गतिविधियों में अगरबत्ती बनाना, बांस के खिलौने, गले की माला आदि चीजें तैयार की जाती हैं। अन्य घरेलू उद्योगों में कपड़े सिलना, सिलाई—बुनाई करना, अगरबत्ती के डिब्बे तैयार करना, माचिस और साबुन बनाने का काम होता है। भारत के कई जिलों और राज्यों में महिलाएं इस तरह के घरेलू काम कर अपना गुजारा करती हैं। ऐसे कामों में मेहनत ज्यादा और आमदनी कम होती है। जो महिलाएं पढ़ी—लिखी नहीं होतीं उन्हें मजबूरी में ये काम करना पड़ता है। कई बार महिलाओं को अच्छा मुनाफा भी मिलता है और वो खुद का काम भी शुरू कर लेती हैं।
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