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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

हमारे पास ऐसी ही ने जाने कितनी चीज़ें बिखरी पड़ी हैं, जो अपने पात्र की तलाश में हैं।

व्यक्ति के विकास का प्रथम सोपान तब होता है जब मस्तिष्क में सवालों का ज्वार उठने लगे| हमारे पास ऐसी अनेक घटनाएँ घटती रहती हैं जिन्हें हम जीवन का एक सामान्य हिस्सा मानकर चलते हैं। परंतु उन्ही चीजों में कोई जिज्ञासु व्यक्ति महत्वपूर्ण वैज्ञानिक रहस्य खोज लेता है। इसी प्रकार रामन् के मन में समुद्र के नीले रंग को लेकर सवाल उठा। ऐसे ही हम अनेक ऐसी चीज़ों से घिरे हुए हैं जिन पर अभी तक कोई भी शोध कार्य नहीं हुआ है। अगर हमारी दृष्टि भी किसी ऐसी ही वस्तु पर पड़े तो हम भी विश्वविख्यात बन सकते हैं और किसी वैज्ञानिक खोज को मूर्त रूप दे सकते हैं|


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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-

सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होने वाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए

3

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

उनके लिए सरस्वती की साधना सरकारी सुख-सुविधाओं से ही कहीं अधिक महत्वपूर्ण थी।

3

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

यह अपने आप में एक आधुनिक हठयोग का उदाहरण था।

4

निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-

उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-


इंफ्रा रेड स्पेक्ट्रोस्कोपी, इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टिवेशन ऑफ़ साइंस, फिलॉसॉफिकल मैगज़ीन, भौतिकी, रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट


1. रामन् का पहला शोध पत्र ..................में प्रकाशित हुआ था।


2. रामन् की खोज........................ के क्षेत्र में एक क्रांति के समान थी।


3. कलकत्ता की मामूली-सी प्रयोगशाला का नाम...................था।


4. रामन् द्वारा स्थापित शोध संस्थान....................नाम से जानी जाती है।


5. पहले पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए........ का सहारा लिया जाता था।