निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-
महादेव जी की लिखावट की क्या विशेषताएँ थीं?
गांधीजी के साथ काम करते वक्त वो अपने लेख, टिप्पणियां, पत्र, व्याख्यान, प्रार्थना प्रवचन, और मुलाकातों का लेखा-जोखा तेजी से लिखा करते थे। उनको शॉर्टहैंड नहीं आती थी। गांधीजी से मिलने आने वाले लोगों की बातों को एक कोने में बैठ अपनी लंबी लिखावट में सारी बातचीत लिखते थे। महादेव की डायरी या बही खाते में कभी कॉमा मात्र की भी गलती नहीं होती थी। साहित्यिक गतिविधियों के लिए उन्हें कभी समय नहीं मिला। उन्होंने गांधीजी की आत्मकथा सत्य के प्रयोग का अंग्रेजी में अनुवाद किया था।
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