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गांधीजी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ को पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।

सत्य के प्रयोग गांधीजी की आत्मकथा है| इसमें उनके वचपन से लेकर 1921 तक के जीवन के बारे में वर्णन किया गया है| इसे उन्होंने स्वयं लिखा और साप्ताहिक तौर पर यह उनके पत्र नवजीवन में प्रकाशित होती थी| इसमें उन्होंने अपने जीवन की प्रमुख घटनाओं जिन्होंने उनके जीवन एवं सोच को दिशा दी साथ हो जीवन में सीखे गए महत्वपूर्ण पाठों के बारे में गांधीजी ने अपनी आत्मकथा में लिखा है|


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4

निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए-

वारिस ------------


जिगरी------------


कहर----------


मुकाम-------------


रूबरू--------------


फ़र्क----------


तालीम----------


गिरफ़्तार---------------

5

उदाहरण के अनुसार वाक्य बदलिए-

उदाहरण- गांधीजी ने महादेव भाई को अपना वारिस कहा था।


गांधीजी महादेव भाई को अपना वारिस कहा करते थे।


1. महादेव भाई अपना परिचय ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ के रूप में देते थे।


2. पीड़ितों के दल-के-दल गामदेवी के मणिशवन पर उमड़ते रहते थे।


3. दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।


4. देश विदेश के समाचार-पत्र गांधी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।


5. गांधी के पत्र हमेशा महादेव की लिखावट में जाते थे।

2

जलियाँवाला वाग में कौन-सी घटना हुई थी? जानकारी एकत्रित कीजिए।

3

अहमदावाद में बापू के आश्रम के विषय में चित्रात्मक जानकारी एकत्र कीजिए।