फागुन में ऐसा क्या होता है जो बाकी ऋतुओं से भिन्न होता है?
हर ऋतु की अपनी अलग विशेषता होती है। ठीक इसी प्रकार फागुन की भी अपनी अलग विशेषता है। बसंत का आगमन फागुन में ही होता है। पतझड़ के कारण वे सभी पेड़ जो स्नेहहीन उदासीन से खड़े रहते हैं, अनमने रहते हैं, नव-पल्लवित पुष्पित हो उठते हैं। फागुन में दृश्यपटल पर तरह तरह के रंग बिखरे हुए मिलते हैं। यह वह ऋतु होती है जब पेड़ों में नए पत्ते निकलते हैं और नाना प्रकार के फूल खिलते हैं। प्रकृति की सुंदरता अपने चरम पर होती है। हवा सुगन्धित हो उठती है। रूठी कोयलों के मधुर गान से फागुन उत्साहित हो उठता है। फागुन मास में तापमान भी अनिश्चित रहता है। कभी ठिठुरन तो कभी गर्मी इसी अनिश्चितता को दर्शाते हैं। ऐसा अन्य ऋतुओं में नहीं होता है। इसीलिए फागुन अन्य ऋतुओं से भिन्न होता है।
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