किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले लोगों को अनेक लोग तरह-तरह से अपना योगदान देते हैं। कोई एक उदाहरण देकर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
ख्याति प्राप्त लोगों का जीवन देखने से ज्ञात होता है कि वे दूसरों का सहयोग पाकर ही सफलता के शिखर को छूने में समर्थ हुए हैं। विश्व प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाडी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर इसका एक अच्छा उदाहरण हैं। ऐसा कहा जाता है कि सचिन के बड़े भाई उन्हें कोच रमाकांत अचरेकर के पास ले गए थे। इस तरह सचिन की सफलता के लिए बड़े भाई ने संघर्ष किया और अपनी इच्छाओ की कुर्बानी दी।
सामान्य-परिवार से संबंध रखने वाला बालक चंद्रगुप्त, आचार्य चाणक्य का सहयोग पाकर शक्तिशाली सम्राट बना। राम-भक्त शिरोमणि तुलसीदास, एक विपन्न बालक थे, जो नरहरिदास जैसे संत का सहयोग और प्रेरणा पाकर धन्य हो गए।
यह जानना कि संसार में दूसरों का सहयोग पाकर जीवन-पथ पर कितने लोग अग्रसर हुए, उससे अधिक महत्वपूर्ण यह जानना है कि सहयोग करने वाले के प्रति अंत तक कितने लोग कृतज्ञ बने रहे, क्यों कि आज कल के परिवेश में लोग सफल होने के बाद उन लोगो को भूल जाते हैं। यह संस्कारों का भी असर हो सकता है।
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