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कभी-कभी तारसप्तक की ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर बिखरता नजर आता है, उस समय संगतकार उसे बिखरने से बचा लेता है। इस कथन के आलोक में संगतकार की विशेष भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

संगतकार उस अभिन्न सहारे की तरह काम करता है जिसकी जरूरत गायक को हमेशा पड़ती है। मुख्य गायक जब अपनी आवाज को ऊँची करते हुए तारसप्तक तक ले जाता है तो कभी-कभी उसकी आवाज बिखरने लगती है, उसका स्वर बैठने लगता है। स्थिति बिगड़ती हुई नजर आती है। संगतकार मुख्य गायक की इस स्थिति को समझता है। निराश हुए मुख्य गायक को सहारा देने के लिए संगीत की स्थायी पंक्ति को गाकर उसे निराश होने से और स्वर को बिखरने से बचा लेने की भूमिका का निर्वाह करता है।


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4

भाव स्पष्ट कीजिए-

और उसकी आवाज में जो एक हिचक साफ सुनाई देती है


या अपने स्वर को ऊचाँ उठाने की जो कोशिश है


उसे विफलता नहीं


उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।

5

किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले लोगों को अनेक लोग तरह-तरह से अपना योगदान देते हैं। कोई एक उदाहरण देकर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

7

सफलता के चरम शिखर पर पहुंचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह सँभालते हैं?

8

कल्पना कीजिए कि आपको किसी संगीत या नृत्य समारोह का कार्यक्रम प्रस्तुत करना है लेकिन आपके सहयोगी कलाकार किसी कारणवश नहीं पहुँच पाएँ-

() ऐसे में अपनी स्थिति का वर्णन कीजिए।


() ऐसी परिस्थिति का आप कैसे सामना करेंगे?