लेखिका के व्यक्तित्व पर किन-किन व्यक्तियों का किस रूप में प्रभाव पड़ा?
लेखिका के व्यक्तित्व पर मुख्य रूप से दो लोगों का प्रभाव पड़ा
(क) लेखिका के पिताजी का प्रभाव -
लेखिका मन्नू भंडारी जी के व्यक्तित्व पर उनके पिताजी के व्यक्तित्व की खुबिया एवं खामियाँ दोनों का ही प्रभाव पड़ा। पिताजी द्वारा अपनी बड़ी बहन से तुलना और उसकी प्रशंसा से उनके मन में हीनता की ग्रंथि बन गई जिससे वह कभी उबर नहीं पाई। यह कुंठा लेखिका के मन को और आत्मविश्वास को हिलाकर रख देती थी। वह किसी अन्य व्यक्ति पर आसानी से विश्वास भी नहीं कर पाती थी। पिता जी के द्वारा ही उनमें देश प्रेम की भावना का भी निर्माण हुआ था।
(ख) प्राध्यापिका शीला अग्रवाल का प्रभाव -
प्राध्यापिका शीला अग्रवाल ने लेखिका के लेखकीय व्यक्तित्व के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ही लेखिका का प्रवेश साहित्य की दुनिया में करवाया और उनमें आत्मविश्वास जगाया। लेखिका उनकी जोशीली बातों से बेहद प्रभावित हुई एवं इसके चलते उन्होंने स्वाधीनता आंदोलन में भी अपनी भागीदारी दी।
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