उस समय के तिब्बत में हथियार का कानून न रहने के कारण यात्रियों को किस प्रकार का भय बना रहता था?
उस समय तिब्बत में नदियों के मोड़ और पहाड़ों के कोनों के कारण दूर—दूर तक कोई आदमी नहीं दिखता था| तिब्बत एक पर्वतीय, वीरान और सुनसान इलाका है| ऐसी सुनसान जगहों पर अकसर डकैत, लुटेरे आदि अपना बसेरा बना लेते। जब भी कोई आदमी वहां से गुजरता तो वे उसे मारकर पैसे लूट लेते थे। पुलिस और खुफिया विभाग भी इतना सख्त नहीं क्योंकि तिब्बत एक सुनसान एवं बहुत कम अवादी वाला इलाका है| इन्हीं सब कारणों की वजह से लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए अपने साथ हथियार लेकर घूमना पड़ता था|
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