पाठ में कागज़, अक्षर, मैदान के आगे क्रमशः मोटे, अच्छे और विशाल शब्दों का प्रयोग हुआ है। इन शब्दों से उनकी विशेषता उभर कर आती है। पाठ में से कुछ ऐसे ही और शब्द छाँटिए जो किसी की विशेषता बता रहे हों।
लेखक ने पाठ में इस तरह के बहुत से अन्य शब्दों का प्रयोग किया है। जो निम्न प्रकार हैं—
मुख्य रास्ता, टोरीदार बर्तन, दूधवाली चाय, भद्र यात्री, गरीब झोपड़े, खासकर शाम, निर्जन स्थान, गरमारम थुक्पा, तेज धूप, मोटे कपड़े, अच्छा मंदिर, बहुत प्रेम, ललाट धूप, मोटे कागज, विशाल मैदान आदि।
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