प्रस्तुत यात्रा-वृत्तांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती समाज कैसा था?
लेखक ने तिब्बत का जो यात्रा-वृत्तांत लिखा उसके आधार पर उस समय के तिब्बती समाज के बारे में ये बातें पता चलीं-
(1) उस समय का तिब्बती समाज बहुत खुले विचारों वाला था। जिसमें जात—पात, छुआ—छूत, ऊँच-नीच जैसी बातें नहीं थीं।
(2) महिलाएँ पर्दा नहीं करती थीं। वे अपरिचितों को भी घर के अंदर बुलाकर चाय बनाकर दे दिया करती थीं।
(3) जान-पहचान के बिना लोग रात बिताने के लिए आश्रय नहीं देते थे क्योंकि उस समय तिब्बत में असुरक्षा की भावना बैठी हुई थी|
(4) समाज में मदिरा-पान का रिवाज था। रात में लोग मदिरा पान करते और होश में नहीं रहते थे।
(5) लोग धार्मिक प्रवृत्ति के एवं अंधविश्वासी थे। जो गंडे के नाम पर साधारण कपड़े के टुकड़ों पर भी विश्वास कर लेते थे।
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