लता ने बादल रूपी मेहमान को किस तरह देखा और क्यों?
बादल बहुत समय के पश्चात गाँव में पधारे हैं| इसीलिये लता ने बिरहिणी प्रियतमा, नायिका या पत्नी के रूप में बादल रुपी प्रियतम को देखा| वह अपने प्रियतम, नायक अथवा पति को उलाहने भरी नजरों से देखती है। इसका कारण बादल के के पूरे एक साल के बाद अपने ससुराल आने से है। वह इस हेतु उससे रूष्ट होकर किवाड़ की ओट में थोडा छिप जाती है। वास्तव में कवि प्रस्तुत कविता में बादल की तुलना गांव के दामाद से करता है। जब बादल यानि दामाद गांव आता है तब लता यानि उसकी पत्नी शरमा कर पेड़ की पत्तियों में छिप जाती है। कहा भी गया है जहां न जाय रवि वहां जाय कवि। इस प्रकार कवि लता के छिपने का संबंध अपने बादल रुपी पति के आने से जोड़ देता है| यहाँ कवि ने प्रकृति का मानवीकरण किया है|
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