Q16 of 16 Page 129

मेघ आए’ कविता की भाषा सरल और सहज है- उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए?

मेघ आये’ कविता की भाषा सहज और सरल है। हम प्रस्तुत कविता में इसका उदाहरण पल-पल पाते हैं। हम चाहे ’ मेघ आये बङे बन-ठन के संवर के’ का उदाहरण लें या ‘ नाचती गाती बयार चली’ या फिर ‘पेङ झुक झांकने लगे’ का उदाहरण लें। हम इन पंक्तियों में गजब की सहजता और सरलता पाते हैं। यहां पर चर्चा की गई पहली पंक्ति में ही हम किसी और के नहीं बल्कि गांव में मेहमान के आने का इशारा हम ‘बन-ठन के’ जैसे सहज शब्दों के प्रयोग से पाते हैं। हम ‘नाचती गाती बयार चली’ जैसे सरल शब्दों के प्रयोग में हम मेघों के आने से पहले ठन्डी हवा के बारे में जान जाते हैं। ‘पेङ झुक झांकने लगे’ में हमें मेघों के आने पर पेङों के झुमने-झूकने का पता चलता है। कविता में अन्य स्थानों पर भी सहज और सरल भाषा का प्रयोग हम प्रचूर मात्रा में पाते हैं।


More from this chapter

All 16 →