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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए।

आशय- कर्नल खुल्लर ने अभियान दल के सदस्यों से यह शब्द कहे थे। इस बात के माध्यम से वे अपने साथियों को एवरेस्ट पर चढ़ाई के महत्त्व और उसके साथ जुड़े खतरों के बारे में बताना चाहते थे| उनका आशय था कि एवरेस्ट पर पहुंचना एक बहुत ही महान अभियान है और किसी भी महान कार्य के साथ उतने खतरे भी जुड़े होते हैं| इसी कारण एवरेस्ट की चढ़ाई में भी अनेक खतरे हैं| कभी-कभी किसी सदस्य की मृत्यु भी हो जाती है। पर्वत चढ़ते समय आप जान जोखिम में डालकर चढ़ाई करते हो। अगर ऐसा कठिन कार्य करते हुए आपकी जान भी चले जाए तो उसे स्वभाविक और सामान्य घटना के रूप में लेना चाहिए। इस बात को लेकर बहुत भयभीत और हाय तौबा नहीं मचानी चाहिए क्योंकि इस अभियान के साथ उस प्रकार के खतरे जुड़े हुए हैं और आप उन खतरों को उठाये बिना इसे पूर्ण नहीं कर सकते|


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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-

चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी?

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-

सम्मिलित अभियान में सहयोग एवं सहायता की भावना का परिचय बचेंद्री के किस कार्य से मिलता है?

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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

सीधे धरातल पर दरार पड़ने का विचार और इस दरार का गहरे-चौड़े हिम-विदर में बदल जाने का मात्र खयाल ही बहुत डरावना था। इससे भी ज्यादा भयानक इस बात की जानकारी थी कि हमारे संपूर्ण प्रयास के दौरान हिमपात लगभग एक दर्जन आरोहियों और कुलियों को प्रतिदिन छूता रहेगा।

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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-

बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटा, छोटी सी पूजा अर्चना की और इनको बर्फ़ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता-पिता का ध्यान आया।