निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-
कवियों की धारणा को लेखक ने युक्तिशून्य क्यों कहा है?
कवियों ने आकाश, धरती, फूल आदि पर तो बहुत कुछ लिखा लेकिन कीचड़ के बारे में सोचना भी नहीं चाहते। पंक शब्द घृणास्पद लगता है जबकि पंकज शब्द सुनते ही कवि डोलने लगते हैं। कीचड को बिल्कुल मलिन माना जाता है किंतु कमल सुनते ही चित्त प्रसन्नता से भर जाता है। जबकि लोग यह भूल जाते हैं कि वह कमल उसी कीचड में फलता फूलता है| कवि सिर्फ बाहरी सुन्दरता एवं चमक दमक को महत्व देते हैं जबकि उस वातावरण को महत्त्व देना भूल जाते हैं जिसके फलस्वरूप उस सुन्दर बस्तु की उत्पति हुई है| कवियों की ऐसी युक्तिशून्य वृत्ति है कि वे हीरे का भारी मूल्य तो बड़ी आसानी से दे देते हैं हैं लेकिन कोयले या पत्थर का नहीं देते।
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