निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
नदी किनारे अंकित पदचिन्ह और सींगों के चिन्हों से मानो महिषकुल के भारतीय युद्ध का पूरा इतिहास ही इस कर्दम लेख में लिखा हो ऐसा भास होता है।
लेखक कहता है कि जब नदी किनारे का कीचड सूखकर ठोस हो जाता है तब इस सूखे हुए कीचड़ में दो मदमस्त पाड़े अपने सींगों से उसको रौंदकर आपस में लड़ते हैं। कीचड़ पर उनके पैरों और सींगों के चिह्न अंकित हो जाते हैं। इसे देखने से लगता है मानो महिषकुल के भारतीय युद्ध का इतिहास यहीं वर्णित हो रहा हो। ये नजारा किसी युद्ध से कम नहीं होता।
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