आपने गौर किया होगा कि मनुष्य, पशु, पक्षी- इन तीनों में ही माँएँ अपने बच्चों का पूरा-पूरा ध्यान रखती हैं। प्रकृति की इस अद्भुत देन का अवलोकन कर अपने शब्दों में लिखिए।
एक मां अकेले ही अपने बच्चे को पूरी दुनिया का प्यार और खुशी दे सकती है। इसलिए प्रकृति ने हम सब को अद्भुत मां दी है। अगर हमारे आस-पास कोई भी ना हो तो मां एक दोस्त, रिश्तेदार और साथी की कमी पूरी कर देती है। अपने बच्चे की मन की बात को बिना कहे जान लेने की मां में असीम शक्ति होती है। दूर बैठे उसके बच्चे को अगर कोई कष्ट होता है तो मां को वो भी पता चलते देर नहीं लगती। मां का मन हमेशा अपने बच्चे के साथ जुड़ा रहता है। फिर चाहे वो मनुष्य की मां हो या पशु की या पक्षी की। बच्चे को बचपन से बड़े तक जो भी अच्छी शिक्षाएं होती हैं वो सब मां ही देती है। बच्चों का फर्ज बनता है कि वे भी अपनी मां को एक मां बनकर ही प्यार करें।
Couldn't generate an explanation.
Generated by AI. May contain inaccuracies — always verify with your textbook.