आज की पत्रकारिता में चर्चित हस्तियों के पहनावे और खान-पान संबंधी आदतों आदि के वर्णन का दौर चल पड़ा है-
(क) इस प्रकार की पत्रकारिता के बारे में आपके क्या विचार हैं?
(ख) इस तरह की पत्रकारिता आम जनता विशेषकर युवा पीढ़ी पर क्या प्रभाव डालती है?
(क) आज की पत्रकारिता में चर्चित व्यक्तियों के पहनावे, खान-पान पर जोर देने के पीछे पत्रकारों का उस चर्चित व्यक्ति तक पहुंच बनाना एवं स्वयं की स्वार्थ सिद्धि एक प्रमुख कारण हो सकता है। कौन ऐसा व्यक्ति है जिसे अपनी प्रशंसा पर खुशी नहीं मिलती है? इसी कारण बुद्धिजीवियों से भरा पत्रकार समाज उस व्यक्ति के पहनावे, खान-पान आदि के बारे में वर्णन करता है। इस प्रकार की पत्रकारिता के बारे में मेरा विचार है कि ऐसी पत्रकारिता उस खास हस्ति से स्वार्थ सिद्धि की कामना हेतु की जाती है। इस कार्य में न सिर्फ़ पत्रकार बल्कि अखबार के मालिक ऐसा करने को अधिक आतुर रहते हैं। कभी-कभी तो ऐसे मामलों में यानि चर्चित व्यक्ति-पत्र मालिक गठजोङ में कोई इमानदार पत्रकार पिस कर रह जाता है।
(ख) युवापीढी से यहाँ तात्पर्य पढी-लिखी युवा पीढ़ी से है जो अपने मानसिक विकास के लिए कुशल पत्रकारिता पर निर्भर करती है और जब ऐसी पत्रकारिता उनके लक्ष्य को पूर्ण नहीं करती है तब मेरी समझ में यह ओछी पत्रकारिता आमजन विशेषकर युवापीढी पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है। यह बुरा प्रभाव पूरी युवा पीढी को अंधकार में भेजने जैसा प्रभाव डालता है। हमारे समाज में कई ऐसे मौके आये हैं जब कुशल पत्रकारिता के सहारे हमारी युवा पीढ़ी ने हमारे देश तक को स्वतंत्र करा दिया। वहीं दूसरी ओर इसमें कोई संदेह नहीं कि ओछी पत्रकारिता आमजन विशेषकर हमारी युवा पीढ़ी को काफी हद तक भटका सकती है।
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