अखबारों ने जिंदा नाक लगने की खबर को किस तरह से प्रस्तुत किया?
अखबारों ने भारतीय जिंदा नाक लगाने की खबर को इसके मरम्मत कर फिर लगा दिये जाने की खबर के रूप में प्रस्तुत किया। ये अखबार वाले किसी भी प्रकार से भारतीय स्वाभिमान को जार्ज पंचम के व्यक्तित्व पर भारी नहीं पङने देना चाहते थे। वे भी सरकारी तंत्र की तरह वास्तव में अंग्रेजों की चापलूसी वाली नीति से भारत को स्वतंत्रता प्राप्ति के इतने वर्षों बाद भी उबर नहीं पाये थे। इसिलिए उन्होंने किसी एक भारतीय स्वाभिमान को ही मरम्मत लायक माना और उसे जार्ज पंचम की नाक पर फिट बैठने हेतु उपयुक्त माना।
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