उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया?
गोपियाँ श्रीकृष्ण के चल जाने पर, उनसे अपने मन की प्रेम-भावना प्रकट न कर पाने के कारण विरहाग्नि में पहले से ही तड़प रही थीं। वे श्री कृष्ण के आगमन में दिन गिनती जा रही थी। उन्हें आशा थी कि श्रीकृष्ण लौटकर आएँगे, किंतु वे नहीं आए और उद्धव को योग-सन्देश देने के लिए भेज दिया। विरह की अग्नि में जलती हुयी गोपियों को जब उद्धव ने योग-साधना करने और श्री कृष्ण को भूल जाने का उपदेश देना शुरू किया तब गोपियों की वेदना और भी बढ़ गयी। इस तरह योग-संदेश ने विरहाग्नि में घी का काम किया।
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