‘मरजादा न लही’के माध्यम से कौन-सी मर्यादा न रहने की बात की जा रही है?
‘मरजादा न लही’के माध्यम से प्रेम की मर्यादा न रहने की बात की जा रही है। श्री कृष्ण गोपियों को छोड़कर मथुरा चले जाते हैं और वापस लौट कर नहीं आते। गोपियाँ कहती हैं कि श्रीकृष्ण के प्रति उनका प्रेम था और उन्हें पूर्ण विश्वास था कि उनके प्रेम की मर्यादा का निर्वहन श्रीकृष्ण की ओर से भी वैसा ही होगा जैसा उनका है। परन्तु इसके विपरीत कृष्ण ने उद्धव के द्वारा योग-संदेश भेजकर प्रेम की मर्यादा नहीं रखी| श्री कृष्ण ने प्रेम के बदले गोपियों को योग का सन्देश भेज दिया| इस प्रकार हम कह सकते हैं कि श्रीकृष्ण ने प्रेम की मर्यादा नहीं रखी| वे वापस लौटने का वचन देकर भी वापस लौटकर नहीं आये|
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