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निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए:

तुम्हारी निश्चल आँखें


तारों-सी चमकती हैं मरे अकेलेपन की रात के आकाश में


प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता है


जरूर दिखाई देती होंगी नसीहतें


नुकीली पत्थरों-सी


दुनिया भर के पिताओं की लंबी कतार में


पता नहीं कौन-सा कितना करोड़वां नंबर है मेरा


पर बच्चों के फूलोंवाले बगीचे की दुनिया में


तुम अव्वल हो पहली कतार में मेरे लिए


मुझे माफ़ करना मैं अपनी मूर्खता और प्रेम में समझता था


मेरी छाया के तले ही सुरक्षित रंग-बिरंगी दुनिया होगी तुम्हारी


अब जब तुम सचमुच की दुनिया में निकल गई हो


मैं खुश हूँ सोचकर


कि मेरी भाषा के अहाते से परे है तुम्हारी परछाई|


(क) बच्चे माता-पिता की उदासी में उजाला भर देते हैं – यह भाव किन पंक्तियों में आया है?


(ख) प्राय: बच्चों को पिता की सीख कैसी लगती है?


(ग) माता-पिता के लिए अपना बच्चा सर्वश्रेष्ठ क्यों होता है?


(घ) कवि ने किस बात को अपनी मूर्खता माना है और क्यों?


(ङ) भाव स्पष्ट कीजिए: ‘प्रेम पिता का दिखाई नहीं देता|’

(क) इस पद्यांध की पहली ही लाइन में इस बात का जिक्र किया गया है। पंक्ति तुम्हारी निश्चल आँखें तारों-सी चमकती हैं मेरे अकेलेपन की रात के आकाश में।


इस पंक्ति का अर्थ है कि जब मैं अकेला और उदास होता हूं तो तुम्हारी आशा से भरी ये आंखें मेरे जीवन में उजाला कर देती हैं।


(ख) कवि ने बताया कि अक्सर हर बच्चे को अपने पिता की नसीहतें अप्रिय और नुकीले पत्थरों सी लगती है। बच्चों को लगता है कि मातापिता उन पर पाबंदी लगा रहे हैं लेकिन वे ऐसा अपने बच्चों की भलाई के लिए करते हैं|


(ग) कवि ने मातापिता की नजरों में अपने बच्चे के हमेशा सर्वश्रेष्ठ होने की बात कही है। मातापिता के लिए उनके बच्चे हमेशा अच्छे और अव्वल होते हैं। वो उस बच्चे में ही अपनी सारी खुशी खोजते हैं। साथ ही उसे कभी ये एहसास नहीं होने देते कि वो किसी से कम है। सभी बच्चों की तरह वो भी सर्वश्रेष्ठ है।


(घ) पिता समझता है कि बेटी हमेशा उसकी छाया में रहेगी। वो कभी उससे दूर नहीं जाएगी। लेकिन बेटियों को एक ना एक दिन जाना होता है। जब तक पिता को इस बात का एहसास होता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। बेटी उसकी दुनिया से निकल जाती है और उसे देखकर पिता खुश होता है। इसी बात को पिता अपनी मूर्खता समझता है।


(ङ) इस पद्यांश में एक पिता अपने मन की पीड़ा बताते हुए कहता है कि बच्चों को वो अपना प्रेम कभी दिखाता नहीं है। वह अपने बच्चों के साथ हमेशा कठोर रहता है ताकि उसके बच्चे जीवन में सफल बन सकें| वह अपने बच्चों की इच्छाएं बिना बोले पूरा करता रहता है। इन्हीं सब कारणों की वजह से बच्चे अपने पिता के प्यार की गहराई को आसानी से नहीं समझ पाते।


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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए:

महात्मा गाँधी ने कोई 12 साल पहले कहा था –


मैं बुराई करने वालों को सजा देने का उपाय ढूंढने लगूँ तो मेरा काम होगा उनसे प्यार करना और धैर्य तथा नम्रता के साह उन्हें समझाकर सही रास्ते पर ले आना| इसलिए असहयोग या सत्याग्रह घृणा का गीत नहीं है| असहयोग का मतलब बुराई करने वाले से नहीं, बल्कि बुराई से असहयोग करना है|


आपके असहोग का उद्देश्य बुराई को बढ़ावा देना नहीं है| अगर दुनिया बुराई को बढ़ावा देना बंद कर दे तो बुराई अपने लिए आवश्यक पोषण के अभाव में अपने-आप मर जाए| अगर हम यह देखने की कोशिश करें कि आज समाज में जो बुराई है, उसके लिए खुद हम कितने ज़िम्मेदार हैं तो हम देखेंगे कि समाज से बुराई कितनी जल्दी दूर हो जाती है| लेकिन हम प्रेम की के झूठी भावना में पड़कर इसे सहन करते हैं| मैं उस प्रेम की बात नहीं करता, जिसे पिता अपने गलत रस्ते पर चल रहे पुत्र पर मोहांध होकर बरसाता चला जाता है, उसकी पीठ थपथपाता है; और न मैं उस पुत्र की बात कर रहा हूँ जो झूठी पितृ-भक्ति के कारण अपने पिता के दोषों को सहन करता है| मैं उस प्रेम की चर्चा नहीं कर रहा हूँ, जो विवेकयुक्त है और जो बुद्धियुक्त है और जो एक भी गलती की ओर से आँख बंद नहीं करता| यह सुधारने वाला प्रेम है|


(क) गाँधीजी बुराई करने वालों को किस प्रकार सुधारना चाहते हैं?


(ख) बुराई को कैसे समाप्त किया जा सकता है?


(ग) ‘प्रेम’ के बारे में गांधीजी के विचार स्पष्ट कीजिए|


(घ) असहयोग से क्या तात्पर्य है?


(ङ) उपर्युक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए|

3

निर्देशानुसार उत्तर लिखिए|

(क) बालगोबिन जानते हैं कि अब बुढ़ापा आ गया|


(आश्रित उपवाक्य छांटकर भेद भी लिखिए)


(ख) मॉरीशस की स्वच्छता देखकर मन प्रसन्न हो गया|


(मिश्र वाक्य में बदलिए)


(ग) गुरुदेव आराम कुर्सी पर लेटे हुए थे और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे|


(सरल वाक्य में बदलिए)

4

निर्देशानुसार वाच्य बदलिए|

(क) मई महीने में शीला अग्रवाल को कॉलेज वालों ने नोटिस थमा दिया|


(कर्मवाच्य में)


(ख) देशभक्तों की शहादत को आज भी याद किया जाता है|


(कर्तृवाच्य में)


(ग) खबर सुनकर वह चल भी नहीं पा रही थी|


(भाववाच्य में)


(घ) जिस आदमी ने पहले-पहल आग का अविष्कार किया होगा, वह कितना बड़ा आविष्कर्ता होगा|


(कर्तृवाच्य में)

5

रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए|

अपने गाँव की मिट्टी छूने के लिए मैं तरस गया|