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रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए|

अपने गाँव की मिट्टी छूने के लिए मैं तरस गया|

गाँव की - संज्ञा (व्यक्तिवाचक), स्त्रीलिंग, एकवचन।


मिट्टी- संज्ञा (जातिवाचक), स्त्रीलिंग, एकवचन।


मैं- उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग|


तरस भाववाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग


गया अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन|


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3

निर्देशानुसार उत्तर लिखिए|

(क) बालगोबिन जानते हैं कि अब बुढ़ापा आ गया|


(आश्रित उपवाक्य छांटकर भेद भी लिखिए)


(ख) मॉरीशस की स्वच्छता देखकर मन प्रसन्न हो गया|


(मिश्र वाक्य में बदलिए)


(ग) गुरुदेव आराम कुर्सी पर लेटे हुए थे और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे|


(सरल वाक्य में बदलिए)

4

निर्देशानुसार वाच्य बदलिए|

(क) मई महीने में शीला अग्रवाल को कॉलेज वालों ने नोटिस थमा दिया|


(कर्मवाच्य में)


(ख) देशभक्तों की शहादत को आज भी याद किया जाता है|


(कर्तृवाच्य में)


(ग) खबर सुनकर वह चल भी नहीं पा रही थी|


(भाववाच्य में)


(घ) जिस आदमी ने पहले-पहल आग का अविष्कार किया होगा, वह कितना बड़ा आविष्कर्ता होगा|


(कर्तृवाच्य में)

6

() ‘रति किस रस का स्थायी भाव है?

() ‘करुण रस का स्थायी भाव क्या है?


() ‘हास्य रस का एक उदाहरण लिखिए|


() निम्नलिखित पंक्तियों में रस पहचान कर लिखिए:


मैं सत्य कहता हूँ सखे! सुकुमार मत जानो मुझे,


यमराज से भी युद्ध को प्रस्तुत सदा मानो मुझो|

7

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए:

जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए| महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है; वरना तो देशभक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज होती जा रही है|


दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया| ध्यान से देखा तो पाया की चश्मा दूसरा है|


(क) हालदार साहब को कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?


(ख) ‘देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज होती जा रही है|’ – इस पंक्ति में देश और लोगों की किन स्थतियों की ओर संकेत किया गया है?


(ग) दूसरी बार मूर्ति देखने पर हालदार साहब को उसमें क्या परिवर्तन दिखाई दिया?