निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक लगभग 20 शब्दों में लिखिए:
जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए| महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है; वरना तो देशभक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज होती जा रही है|
दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया| ध्यान से देखा तो पाया की चश्मा दूसरा है|
(क) हालदार साहब को कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?
(ख) ‘देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज होती जा रही है|’ – इस पंक्ति में देश और लोगों की किन स्थतियों की ओर संकेत किया गया है?
(ग) दूसरी बार मूर्ति देखने पर हालदार साहब को उसमें क्या परिवर्तन दिखाई दिया?
(क) हालदार साहब जब चौराहे से गुजर रहे थे तो उन्होंने देखा कि नेता जी की मूर्ति पर चश्मा लगाया गया है। ये कस्बे में रहने वाले लोग करते थे। हालदार साहब को नागरिकों का ये काम सराहनीय लगा|
(ख) आज के युवा सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट अपडेट करने के लिए फोटो लेते हैं या कुछ लिखते हैं। ऐसे में आज कोई भी सच में देश के लिए कुछ नहीं करना चाहता। बस दिखावा और मजाक की चीज बनकर रह गई है देश भक्ति। कवि के द्वारा कही गयी इस पंक्ति में इसी कारण से वर्तमान दौर में देशभक्ति की अवधारणा पर व्यंग्य किया गया है|
(ग) जब हालदार साहब दूसरी बार चौराहे से गुजरे तो उन्होंने देखा कि नेता जी की मूर्ति पर दूसरा चश्मा लगा था। हर बार चश्मा बदलने का प्रयास हालदार साहब को पसंद आया|
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