आपके क्षेत्र के पार्क को कूड़ेदान बना दिया गया था| अब पुलिस की पहल और मदद से पुन: बच्चों के लिए खेल का मैदान बन गया है| अत: आप पुलिस आयुक्त को धन्यवाद पत्र लिखिए|
अथवा
पटाखों से होने वाले प्रदूषण के प्रति ध्यान आकर्षित करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए|
सेवा में,
पुलिस आयुक्त महोदय,
सेक्टर 62,
नोएडा, 201303
माननीय,
कुछ दिनों पहले तक हमारे खेलने का पार्क कूड़ाघर बना हुआ था। उसके बाद यहाँ के लोगों ने पुलिस के सामने इस समस्य को रखा और इसे हल करने की दरख्वास्त भी की| हमारी दरख्वास्त को पुलिस प्रशासन एवं आपके द्वारा उपयुक्त प्राथमिकता दिए जाने को लेकर हम आपका धन्यवाद करते हैं|
पुलिस प्रशासन द्वारा पार्क की सफाई के संबंध में की गयी पहल से सभी लोग बहुत खुश हैं| यहाँ आस-पास रहने वाले लोगों को पार्क की सफाई के पश्चात् पुनः शाम-सुबह पार्क में घूमने जाना शुरू कर दिया है| साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बच्चों को खेलने के लिए एक बड़ा मैदान भी मिल गया है जहाँ वे स्वतंत्रतापूर्वक किसी भी प्रकार के खेल को बिना किसी दखल के खेल सकते हैं| पार्क की सफाई से सबसे अधिक खुश बच्चें ही है और वे आपका धन्यवाद करना चाहते हैं|
आपकी वजह से पार्क साफ हुआ और अब ये फिर से हम बच्चों के लिए खेलने लायक बन गया है।
आपका बहुत—बहुत धन्यवाद।
धन्यवाद
भवदीय
अ—ब—स
सेक्टर-44 नॉएडा, 201303
अथवा
ई—32,
अमिला मार्ग,
नेहरू कालोनी,
नोएडा।
दिनांक — 05/06/2019
प्रिय मित्र रवि,
कैसे हो? तुम्हारा कल पत्र मिला। मुझे यह जानकर अति प्रसन्नता हुई कि तुम्हारे घर में सभी सकुशल हैं और तुम्हारी बहन स्कूल में प्रथम आयी । सबसे पहले तुम्हें दीवाली की ढेर सारी शुभकामनाएँ। यार याद है जब हम दोनों 8 वीं कक्षा में थे तब हमारे अध्यापक ने क्या सिखाया था। उन्होंने दीवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण के विषय में कितने अच्छे से बताया था और इससे होने वाले दुष्प्रभावों जैसे प्रदुषण और साथ ही उसके कारण होने वाली बीमारियों जैसे सिर दर्द , साँस लेने में दिक्कत और पर्यावरणीय प्रदूषण आदि के बारे में भी बताया था| इन बातों के बारे में जानकर हमने पटाखे बिना ही दीवाली मनाने का निश्चय किया था। आशा है वह सब तुम्हें अब भी बहुत अच्छे से याद होगा और पटाखे के बिना दीवाली मनाओगे और अधिक से अधिक लोगों को पटाखे बिना दीवाली मनाने के लिए उत्साहित करोगे| जिससे पर्यावरण प्रदूषण व धुंध कम होगी जोकि हमारे लिए ही उपयोगी है ताकि हम प्रदुषण रहित वातावरण में अपनी जिंदगी गुजार सकें|
धन्यवाद ।
तुम्हारा प्रिय मित्र
अर्जुन
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