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जापान में मानसिक रोग के क्या कारण बताए गए हैं? उससे होने वाले प्रभाव का उल्लेख करते हुए लिखिए कि इसमें ‘टी सेरेमनी’ की क्या उपयोगिता है।

जापानियों की सोचने की क्षमता बहुत तीव्र होती है। इसीलिए उनकी जीवन रफ्तार भी तेज होती है। जापानी लोग एक महीने का काम एक दिन में करने की क्षमता रखते हैं। इसी वजह से उनका दिमाग बहुत तेज चलता है। ज्यादा सोचने की वजह से उनके दिमाग का तनाव बढ़ जाता है और काम करना भी बंद कर देता है। जापान अमेरिका से प्रतिस्पर्धा रखता है। उनके जैसा या उनसे आगे निकलने के लिए भी वह अपने दिमाग को तेजी से चलाते हैं। जिससे जापान हर मामले में आगे निकल सके। इसी वजह से लेखक ने जापानियों के दिमाग में स्पीड का इंजन लगाने की बात कही है।


टीसेरेमनी में किसी भी काम को धीरेधीरे अंजाम दिया जाता है। इससे दिमाग की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। व्यक्ति भविष्य को छोड़ वर्तमान में जीना सीख जाता है और यही सत्य है।


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निम्नलिखित मुहावरों का प्रयोग इस प्रकार कीजिए कि अर्थ स्पष्ट हूँ जाए:

प्राण सूखना, बूते से बाहर होना

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिएः

(क) शेख अयाज़ के पिता भोजन छोड़कर क्यों उठ खड़े हुए ? ‘अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले’ पाठ के आधार पर लिखिए।


(ख) शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है ? ‘पतझर में टूटी पत्तियाँ’ पाठ के आधार पर लिखिए।


(ग) ‘कारतूस’ पाठ में सआदत अली को किस प्रकार का व्यक्ति बताया गया है ?

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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

असल में दोनों काल मिथ्या हैं । एक चला गया है, दूसरा आया नहीं है। हमारे सामने जो बर्तमान क्षण है, वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए। चाय पीते-पीते उस दिन मेरे दिमाग से भूत और भविष्य दोनों काल उड़ गए थे। केबल वर्तमान क्षण सामने था। और वह अनंत काल जितना विस्तृत था।


क) गद्यांश में किन दो कालों के बारे में बात की गई है और उनकी क्या विशेषता है ?


ख) लेखक ने किस काल को सत्य माना है और क्यों ?


ग) गद्यांश से लेखक क्या समझाना चाहता है?

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क). बिहारी के दोहे के आधार पर लिखिए कि माला जपने और तिलक लगाने से क्या होता है| ईश्वर किससे प्रसन्न रहते हैं?

ख). ‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है?


ग). ‘आत्मत्राण’ कविता में कोई सहायक न मिलने पर कवि की क्या प्रार्थना है ?