बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था और बदलू को ‘बदलू मामा’ न कहकर ‘बदलू काका’ क्यों कहता था?
बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव बहुत चाव से इसलिए जाया करता था क्योंकि वहां उसे बदलू कारीगर मिलता था जो उसे रंग बिरंगी लाख की गोलियाँ दिया करता था और लेखक को ये गोलियां बहुत पसंद थी। बदलू को पूरे गांव के बच्चे ‘बदलू काका’ कहकर बुलाते थे इसलिए लेखक भी उन्हें बदलू मामा न कहकर ‘बदलू काका’ कहकर बुलाता था।
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