Q1 of 14 Page 18

बस, वश, बस’ तीन शब्द हैं। इनमें से ‘बस’ सवारी के अर्थ में, ‘वश’ अधीनता के अर्थ में, और ‘बस’ पर्याप्त(काफ़ी) के अर्थ में प्रयुक्त होता है_ जैसे-बस से चलना होगा। मेरे वश में नही है। अब बस करो।

उपर्युक्त वाक्यों के समान वश और बस शब्द से दो-दो वाक्य बनाइए।


तीनों शब्दों से बने दो-दो वाक्य निम्नलिखित हैंः

बस (सवारी के अर्थ में)


(क) दो घंटे में कानपुर से दिल्ली के लिए बस मिलेगी, आप चले जाना।


(ख) मैंने सुबह ही बस का पास बनवा लिया था अब उसी से दिल्ली दर्शन करूंगा।


वश (अधीनता के अर्थ में)


(क) पिताजी का वश चले तो वो अपने बेटे को कभी हारने ना दें।


(ख) अपनी इंद्रियों को वश में करना इतना आसान नहीं होता।


बस (मात्र के अर्थ में)


(क) बस अब टीवी देखना छोड़ो और जाकर पढ़ाई करो।


(ख) बस करो, इतना ज्यादा बाहर खेलना अच्छी बात नहीं है।


More from this chapter

All 14 →
1

आप अपनी किसी यात्रा के खट्ठे-मीठे अनुभवों को याद करते हुए एक लेख लिखिए।

1

अनुमान कीजिए यदि बस जीवित प्राणी होती, बोल सकती तो वह अपनी बुरी हालत और भारी बोझ के कष्ट को किन शब्दों में व्यक्त करती? लिखिए।

2

‘‘हम पाँच मित्रों ने तय किया कि शाम चार बजे की बस से चलें। पन्ना से इसी कंपनी की बस सतना के लिए घंटे भर बाद मिलती है।’’

ऊपर दिए गए वाक्यों मे ने, की, से आदि वाक्य के दो शब्दों के बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं। ऐसे शब्दों को कारक कहते हैं। इसी तरह दो वाक्यों को एक साथ जोड़ने के लिए ‘कि’ का प्रयोग होता है।


कहानी में से दोनों प्रकार के चार वाक्यों को चुनिए।


3

‘‘हम फ़ौरन खिड़की से दूर सरक गए। चाँदनी में रास्ता टटोलकर वह रेंग रही थी।’’

दिए गए वाक्यों में आई ‘सरकना’ और ‘रेंगना’ जैसी क्रियाएँ एकत्र कीजिए जो गति के लिए प्रयुक्त होती हैं, जैसे- घूमना इत्यादि। उन्हें वाक्यों में प्रयोग कीजिए।