निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
जो नहीं हो सके पूर्ण काम मै उनको करता हूँ प्रणाम।
कुछ कुंठित औ कुछ लक्ष्य भ्रष्ठ जिनके अभिमंत्रित तीर हुए,
रण की समाप्ति से पहले जो वीर रिक्त तूणीर हुए उनको प्रणाम।
जो छोटी सी नैया लेकर उतरे करने को उदाधि – पार;
मन की मन में हो रही, स्वयं हो गए उसी में निराकार उनको प्रणाम।
जो उच्च शिखर की और बढे रह रह नव-नव उत्साह भरे।
पर कुछ ने ले ली हिम समाधि, कुछ असफल ही नीचे उतरे उनको प्रणाम।
कृतकृत्य नहीं जो हो पाए, प्रत्युत फाँसी पर गए झूल
कुछ ही दिन बीते है, फिर भी यह दुनिया जिनको गई भूल! उनको प्रणाम।
(1) कवि किनको प्रणाम करता है व क्यों?
(2) छोटी नैया से कवि का आशय है और उनका क्या हश्र हुआ?
(3) कृतकृत्य कौन नहीं हो पाए? दुनिया ने उनके साथ क्या व्यवहार किया।
(1) कवि उन लोगों को प्रणाम करता है, जो अपने लक्ष्य में सफलता प्राप्त नहीं कर सके । यद्पि उन्होंने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया था, पर इच्छित लक्ष्य की प्राप्ति न हो सकी। यह बात देश को स्वतंत्र करवाने की लड़ाई में भागे लेने वाले उन अनगिनत लोगों के सन्दर्भ में कही गयी है|
(2)
छोटी सी नैया से कवि का आशय- सीमित साधनों से है| स्वतंत्रता की लड़ाई में देशभक्तों ने सीमित साधनों के बलबूते पर सागर के समान अंग्रेजी साम्राज्य से टक्कर ली थी| इसी कारण कवि उनके सीमित संसाधनों की तुलना छोटी नैया से करता है|
(3)
जो व्यक्ति अपने लक्ष्य को पाने में असफल रहे और अंग्रेजों की पकड़ में आने पर ख़ुशी-ख़ुशी फाँसी के फंदे पर झूल गए। कुछ दिन बीतने के बाद दुनिया उनको भूल गई, हाँलाकि कवि को उनका स्मरण अवश्य है।
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