मनुष्यता कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता हैं?
अथवा
कर चले हम फिदा गीत में संगीतकार ने नवयुवकों को क्या संदेश दिया है?
‘मनुष्यता' कविता के माध्यम से कवि मानवता, एकता, सहानुभूति, सदभाव, उदारता और करुणा का संदेश देना चाहता है| वह मनुष्य को स्वार्थ, भिन्नता, वर्गवाद, जातिवाद आदि संकीर्णताओं से मुक्त रहने का सन्देश भी देना चाहता है| वह मनुष्य में उदारता के भाव भरना चाहता है| कवि का मानना है, कि हमें अपना जीवन परोपकार में व्यतीत करना चाहिए। सच्चा मनुष्य दूसरों की भलाई के काम को सर्वोपरि मानता है। हमें विभिन्न जाति, धर्म, वर्ग के लोगों के बीच कोई अंतर नहीं करना चाहिए। हमें उदार ह्रदय बनना चाहिए, धन के मद में अंधा नहीं बनना चाहिए, मानवतावाद को अपनाना चाहिए व परोपकारी बनना चाहिए|
अथवा
गीत के माध्यम से संगीतकार यह संदेश देना चाहता है कि जब देश पर कोई विदेशी आक्रमणकारी हमला करे तब हमें जी जान लगाकर देश की रक्षा करना चाहिए। जब भी देश पर आक्रमण हो तो नव युवकों को प्रेम और सुंदरता त्याग कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देना चाहिए। युद्ध में चाहे कितने भी संकट आए, मौत सामने आ जाए तो भी हमें बलिदान देने से पीछे नहीं हटना चाहिए जिस प्रकार स्वयंवर में दुल्हन को प्राप्त करने के लिए राजा अपनी जान की बाजी लगा देते हैं, उसी प्रकार देश के नव युवकों को अपनी धरती रूपी दुल्हन के लिए अपने प्राणों की बाज़ी लगाने की जरूरत है। हमारे अंदर देश के लिए समर्पण और बलिदान की भावना होनी चाहिए।
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