ग्यारहवीं कक्षा में विषयों के चयन से संबंधित माँ व पुत्री के बीच लगभग 50 शब्दों में संवाद लिखिए।
अथवा
सड़को पर फैली गंदगी के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए दो छात्रों के बीच लगभग 50 शब्दों में संवाद लिखिए।
मां : बेटी राधिका क्या कर रही हो?
अंकिता : मां मैं तो बहुत परेशान हूं।
मां : क्यों बेटी?
अंकिता : मुझे कक्षा ग्यारहवीं में विषय के चयन के संबंध में कुछ समझ नहीं अ रहा है कि मैं किस विषय का चयन करूँ| इसी वजह से मैं बहुत परेशान हूँ|
मां : इसमें परेशान होने वाली कौनसी बात है?
अंकिता : मैंने कक्षा 10 में कॉमर्स लिया था। लेकिन अब मुझे लगता है कि मेरी इस विषय में कोई ख़ास रूचि नहीं है|
मां : बेटी तो तुम आगे की कक्षा में अपनी रूचि के अनुसार दूसरा विषय ले सकती हो?
अंकिता : मां मैं विज्ञान वर्ग में पढ़ने की सोच रही हूं। क्या आप मुझे इस बात की अनुमति देंगी।
मां : बेटी जिस विषय में तुम्हारी अधिक रुचि हो उसी विषय को लेकर अध्ययन करो। मेरी तरफ से तुम्हें पूर्ण अनुमति है।
अथवा
विनीता : हेलो रीमाँ! क्या हाल चला हैं?
पल्लवी : मैं अच्छी हूं तुम सुनाओ कैसी हो?
विनीता : मैं भी अच्छी हूं मैं अभी बाजार से लौटी हूं| सब्जी मंडी के बगल वाली सड़क पर फ़ैली गन्दगी को लेकर मैं बहुत परेशान हूँ|
पल्लवी : हां दोस्त मैं भी जब सब्जी मंडी के पास से निकलती हूँ तो मुझे वहाँ की सड़क पर चारों ओर फ़ैली गन्दगी को देखकर बहुत परेशानी होती है|
विनीता : हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान को एक राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान के रूप में शुरू किया गया है फिर भी लोग सड़कों पर इधर-उधर गंदगी फैला कर चले जाते हैं।
पल्लवी : दोस्त, जब तक हम खुद स्वच्छता एवं इसके महत्त्व के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नहीं होंगे तब तक हमारे आस-पास का वातावरण कभी भी स्वच्छ नहीं हो सकता|
विनीता : तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो, जब तक देश का हर एक व्यक्ति देश की स्वच्छता के प्रति जागरुक नहीं होगा तब तक बापू का ‘स्वच्छ भारत का सपना’ पूरा नहीं किया जा सकेगा।
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